राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड द्वारा आयोजित की जा रही पटवारी भर्ती परीक्षा को लेकर एक अजीबो-गरीब मामला सामने आया है, जिसने सोशल मीडिया पर काफी हलचल मचा दी है। मामला जुड़ा है महिला अभ्यर्थियों से, जिन्होंने परीक्षा से ऐन पहले बोर्ड से एक ऐसा सवाल पूछा, जिसने कई उम्मीदवारों को असमंजस में डाल दिया। सवाल था "अगर किसी महिला के हाथ में मेहंदी लगी हो, तो क्या वह परीक्षा में शामिल हो सकती है?" यह सवाल सुनने में भले ही छोटा लगे, लेकिन इसके पीछे तकनीकी पहलू काफी बड़ा है !
इस सवाल का जवाब खुद बोर्ड अध्यक्ष आलोक राज ने सोशल मीडिया पर दिया और इसमें उन्होंने स्पष्ट कर दिया कि परीक्षा में बैठने से पहले हाथ में मेहंदी नहीं लगाना बेहतर होगा। उन्होंने कहा कि परीक्षा की गाइडलाइन में कहीं भी मेहंदी का जिक्र नहीं है, लेकिन बायोमैट्रिक प्रक्रिया में मेहंदी से दिक्कत आ सकती है। चूंकि परीक्षा में उम्मीदवारों की पहचान के लिए बायोमैट्रिक सिस्टम का इस्तेमाल होता है, ऐसे में अगर उंगलियों पर मेहंदी लगी होगी, तो फिंगरप्रिंट लेने में दिक्कत आ सकती है । यदि किसी अभ्यर्थी के हाथ में पहले से मेहंदी लगी है, तो उसे परीक्षा केंद्र पर एफिडेविट जमा करवाना पड़ेगा, जिससे यह प्रमाणित किया जा सके कि वह अभ्यर्थी ही है। इस प्रक्रिया में समय भी लगता है और परीक्षा से पहले तनाव भी बढ़ता है। इसलिए उन्होंने सभी महिला अभ्यर्थियों से अपील की है कि वे मेहंदी लगाने से बचें ताकि उन्हें किसी अतिरिक्त कार्यवाही से न गुजरना पड़े। मेहंदी पहले से लग चुकी है, तो घबराने की जरूरत नहीं है, बस परीक्षा केंद्र पर समय से पहले पहुंच जाएं ताकि एफिडेविट की प्रक्रिया समय रहते पूरी की जा सके ।
अब बात करते हैं परीक्षा से जुड़े कुछ अन्य महत्वपूर्ण निर्देशों की। इस बार बोर्ड ने साफ कर दिया है कि परीक्षा में मंगलसूत्र पहनना अलाउड है। पहले कई बार अभ्यर्थियों को कड़ा, कृपाण, जनैऊ और अन्य धार्मिक या व्यक्तिगत धारण किए जाने वाले गहनों को उतारने को कहा गया था, जिससे कई बार विवाद की स्थिति बन जाती थी। लेकिन इस बार स्थिति स्पष्ट है – मंगलसूत्र की अनुमति है। हालांकि, सुरक्षा जांच पूरी तरह से सख्त रहेगी और जांच के बाद ही अभ्यर्थियों को परीक्षा कक्ष में प्रवेश मिलेगा । साथ ही, अभ्यर्थियों से कहा गया है कि वे ऐसा ड्रेस कोड अपनाएं जिसमें मेटल की कोई चीज न हो। मेटल डिटेक्टर से जांच में दिक्कतें हो सकती हैं और सुरक्षा कारणों से अतिरिक्त समय लग सकता है। इसलिए परीक्षा में शामिल होने वाले सभी उम्मीदवारों से अपील की गई है कि वे बोर्ड द्वारा जारी किए गए सभी दिशा-निर्देशों का पालन करें ।