बिहार के महिला एवं बाल विकास निगम (WCDC) ने सिविल सर्विसेज इंसेंटिव स्कीम लॉन्च की है, जिसके अंतर्गत योग्य महिला अभ्यर्थियों को 50,000 रुपये एकमुश्त प्रोत्साहन राशि दी जाएगी. इसके तहत बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) की 71वीं प्रारंभिक परीक्षा पास करने वाली सभी महिला अभ्यर्थियों को यह रकम दी जाएगी. इसका मकसद बिहार लोक सेवा आयोग में महिलाओं की उम्मीदवारी को बढ़ाना और उन्हें प्रोत्साहन देना है. हालांकि, यह योजना सिर्फ सामान्य वर्ग और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) से आने वाली महिला अभ्यर्थियों के लिए ही है, जिसे बिहार सरकार के सामाजिक कल्याण विभाग के अंतर्गत चलाया जा रहा है.
सिविल सर्विसेज इंसेंटिव स्कीम कैसे काम करती है?
बिहार सरकार ने महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए सिविल सर्विसेज इंसेंटिव स्कीम की शुरुआत पूरे बिहार में की है, जिसके तहत सामान्य वर्ग और Economically Weaker Section (EWS) की पात्र महिला अभ्यर्थियों को 50,000 रुपए की प्रोत्साहन राशि मुहैया करवाई जाएगी. लेकिन केवल उसी महिला अभ्यर्थी को यह राशि मिलेगी, जिसने बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) द्वारा आयोजित 71वीं प्रारंभिक प्रतियोगिता परीक्षा पास की हो. इस योजना का उद्देश्य उन महिला अभ्यर्थियों की मदद करना है जिन्होंने प्रारंभिक परीक्षा तो पास कर ली हो, लेकिन किसी कारण या पैसों की कमी के कारण आगे की परीक्षा नहीं दे पा रही हों. क्योंकि जब कोई अभ्यर्थी सिविल सेवा प्रतियोगिता परीक्षा के प्रीलिम्स में चयनित हो जाता है, तो मेन्स परीक्षा और इंटरव्यू तक आने में काफी खर्च बढ़ जाता है. इससे निपटने के लिए बिहार सरकार ने “सिविल सर्विसेज इंसेंटिव स्कीम” की शुरुआत की है.
कैसे करें सिविल सर्विसेज इंसेंटिव स्कीम के लिए आवेदन?
सिविल सर्विसेज इंसेंटिव योजना को पूरी तरह ऑनलाइन रखा गया है, जिसका मतलब है कि पात्र महिला अभ्यर्थी ऑनलाइन माध्यम से आवेदन कर सकती हैं.
पात्र महिला अभ्यर्थी 31 दिसंबर 2025 तक निगम की आधिकारिक वेबसाइट wcdc.bihar.gov.in/Careers के माध्यम से आवेदन कर सकती हैं.
आवेदन के समय जरूरी दस्तावेज
- फॉर्म भरते समय कुछ मुख्य दस्तावेज ऑनलाइन अपलोड करना अनिवार्य है. इनमें शामिल हैं:
- पासपोर्ट साइज फोटो,
- हस्ताक्षर,
- स्वयं सत्यापित BPSC एडमिट कार्ड,
- आधार कार्ड,
- आवास प्रमाणपत्र,
- पिछड़ा वर्ग की श्रेणी में होने पर जाति प्रमाणपत्र,
- बैंक पासबुक या कैंसिल्ड चेक.
- इस योजना का लाभ उठाने के लिए महिला अभ्यर्थियों का बैंक अकाउंट आधार से सीडेड होना अनिवार्य है.
- आवेदन करने वाली अभ्यर्थी को प्रथम श्रेणी के न्यायिक मजिस्ट्रेट द्वारा जारी हलफनामा भी देना होगा, जिसमें लिखा हो कि अभ्यर्थी किसी सरकारी वित्तपोषित संस्था में कार्यरत नहीं है.
- इस योजना का लाभ उठाने के लिए अभ्यर्थी का बिहार निवासी होना जरूरी है.





